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आज बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस का कार्यक्रम कई जगहों पर किया गया एवं विचार गोष्ठी भी की गई

आज  महापरिनिर्वाण दिवस  का कार्यक्रम कई जगहों पर किया गया  एवं  विचार गोष्ठी  भी की गई 
एवं ज्यादा से ज्यादा विश्वरत्न महामानव डॉक्टर भीमराव अंबेडकर साहब के बारे में सही जानकारी हमारी समिति द्वारा बताई गई जो इस प्रकार है
 डॉ बाबासाहेब आंबेडकर पुरातत्व के भी ज्ञाता थे।
डॉ बाबासाहेब आंबेडकर सम्राट अशोक की नक्शे कदम पर चलें है। नागपुर में धर्मांतर इसलिए किया क्योंकि नागपुर नाग लोगों की पहचान कराने का एक नगर था बुद्ध धम्म यह भारत के बहुजनों का धम्म है यानी नाग लोगों का धम्म है धर्म नहीं हम लोगों का कोई धर्म नहीं था हम तो धम्म को मानते थे जो न्याय स्वतंत्रता समता बंधुता सिखाता है जो बाबा साहब द्वारा  लिखित  संविधान मैं साफ तौर से बुद्ध की ही विचारधारा है
डॉ बाबासाहेब आंबेडकर भारत के विभिन्न बौद्ध स्थलों को विजिट किया था । 👉 सांची जो वर्ल्ड हेरिटेज है और बुद्ध धर्म का वास्तविक स्वरूप सांची से ही आधुनिक भारत में दुनिया को पता चला उस स्थल को डॉ बाबासाहेब आंबेडकर ने विजिट किया था। उस घटना के ऐतिहासिक फोटो उपलब्ध हो गए हैं। 
👉डॉ बाबासाहेब आंबेडकर  वर्ल्ड बुद्धिस्ट कॉन्फ्रेंस काठमांडू, नेपाल गए थे और जब भी भारत लौट रहे थे तब वे बिहार गए और बुद्ध से संबंधित स्थलों को उन्होंने बारीकी से देखा और बाद में वे सारनाथ गए। बुद्ध का पहला धम्मा चक्र प्रवर्तन जहां पर हुआ उस जगह पर डॉ बाबासाहेब आंबेडकर का अंतिम भाषण हुआ। 

जैसे 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में विशाल जन समुदाय के साथ उन्होंने बुद्ध धम्म को पुनर्जीवित किया था उसी तरह 16 दिसंबर 1956 को मुंबई में भी धर्मांतर  की सभा का आयोजन किया था। और भविष्य में समूचे भारत में धर्मांतर की सभाओं का आयोजन करने का उनका प्लान था 2 साल के अंदर  डॉ बाबासाहेब आंबेडकर भारत बौद्धमय करनेवाले ही वाले थे कि विदेशी ब्राह्मणों ने उनकी हत्या कर दी।
और हमारी समिति चाहती है डीआईजी सक्सेना आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाये जिससे सब पता चल जाएगा एक हत्या थी😥

निवेदक -सम्यक बुद्ध विहार समिति स्वामी ब्रह्मानंद नगर  राठ हमीरपुर उत्तर प्रदेश

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